Mortgage Loan Without Property Map In Delhi NCR

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Posted by Home Loan Delhi LAP on January, 20, 2026

Mortgage Loan Without Property Map in Delhi NCR – जिनके घर या दुकान का नक्शा नहीं है उनके लिए सच्ची जानकारी

Mortgage Loan Without Property Map in Delhi NCR आज उन लोगों की सबसे बड़ी ज़रूरत बन चुका है जिनके पास घर, दुकान या दूसरी property तो है, लेकिन उसका नक्शा कभी पास नहीं हुआ।
गाजियाबाद की पुरानी कॉलोनियों में रहने वाले हों, फरीदाबाद के पुराने सेक्टरों में घर हो, या नोएडा और ग्रेटर नोएडा के गांव से जुड़े इलाकों में property हो – लगभग हर जगह लोग इसी परेशानी से जूझ रहे हैं।

मकान सालों से खड़ा है,
लोग रह रहे हैं,
बिजली-पानी सब चल रहा है,
लेकिन जैसे ही mortgage loan की बात आती है, नक्शा बीच में आकर सब रोक देता है।


Property Map आखिर इतना ज़रूरी क्यों बना दिया गया है?

Property Map मतलब वो नक्शा जो कभी नगर निगम या स्थानीय authority से पास हुआ हो।
आज के समय में ज़्यादातर bank और बड़ी finance companies इसी नक्शे के आधार पर तय करती हैं कि property safe है या नहीं।

उनका डर यह होता है कि:

  • कहीं construction नियमों के बाहर तो नहीं

  • भविष्य में demolition का खतरा तो नहीं

  • काग़ज़ों और ज़मीन की हालत एक जैसी है या नहीं

लेकिन दिक्कत यह है कि Delhi NCR की बहुत सी property उस दौर की है जब नक्शा पास कराना आम बात ही नहीं थी।


Delhi NCR में बिना Property Map वाली property इतनी ज़्यादा क्यों है?

इसकी वजह बहुत सीधी है।

गाजियाबाद, फरीदाबाद, नोएडा और ग्रेटर नोएडा का बड़ा हिस्सा planned तरीके से नहीं बना
यहाँ development धीरे-धीरे हुआ।

आम हालात ये होते हैं:

  • 20–30 साल पुराने मकान

  • लाल डोरा इलाके

  • unauthorized colonies

  • गांव आबादी की जमीन

  • बाद में बनाई गई extra मंज़िल

  • पुश्तैनी property जिनके record पूरे नहीं

इसलिए बिना नक्शा वाली property यहाँ कोई rare case नहीं, बल्कि normal बात है।


असली सवाल – बिना Property Map के Mortgage Loan मिल सकता है या नहीं?

सीधी और सच्ची बात यह है –
हाँ, मिल सकता है, लेकिन तरीका वही नहीं होता जो आम bank अपनाते हैं।

सरकारी bank ज़्यादातर ऐसे मामलों में सीधे मना कर देते हैं।
कई private bank भी ज़्यादा risk नहीं लेते।

लेकिन Delhi NCR में कुछ finance से जुड़ी जगहें ऐसी हैं जहाँ:

  • सिर्फ file नहीं देखी जाती

  • बल्कि property की असली हालत समझी जाती है

यहाँ फैसला इस बात पर होता है कि property ज़मीन पर कैसी है, न कि सिर्फ काग़ज़ में कैसी दिखती है।


Ghaziabad, Faridabad, Noida, Greater Noida में ये case ज़्यादा क्यों आते हैं?

अगर आपकी property:

  • गाजियाबाद की पुरानी गलियों में है

  • फरीदाबाद के पुराने सेक्टरों में है

  • नोएडा या ग्रेटर नोएडा के village side इलाके में है

तो नक्शा न होना कोई हैरानी की बात नहीं।

इन इलाकों में:

  • लोग बरसों से रह रहे हैं

  • property खरीदी-बेची जा चुकी है

  • construction stable है

फिर भी सिर्फ नक्शा न होने की वजह से loan अटक जाता है।


बिना Property Map के Mortgage Loan में असल में क्या देखा जाता है?

जब नक्शा नहीं होता, तब सामने वाली finance वाली party ये देखती है:

  • मौके पर जाकर property देखी जाती है

  • कितनी मंज़िल बनी है

  • मकान या दुकान इस्तेमाल में है या नहीं

  • आस-पास कोई बड़ा झगड़ा या dispute तो नहीं

  • registry और ownership साफ है या नहीं

कई बार मौके पर ही एक साधारण सा खाका बना लिया जाता है, ताकि पूरी स्थिति समझ में आ जाए।


Residential Property और Commercial Property में फर्क

Residential Property Without Map
अगर आप खुद उस घर में रह रहे हैं, तो मामला ज़्यादा भरोसेमंद माना जाता है।

Commercial Property Without Map
गाजियाबाद या फरीदाबाद में दुकान, गोदाम या छोटा कारखाना हो,
या नोएडा और ग्रेटर नोएडा में office space हो –
तो business या किराये की आमदनी की वजह से मामला और मजबूत हो जाता है।


Loan Amount को लेकर सच्चाई क्या है?

बिना नक्शा वाले मामलों में कोई भी हवा-हवाई बात नहीं करता।

आमतौर पर:

  • property की कीमत का 30 से 50 प्रतिशत

  • बहुत साफ और मजबूत case में 60 प्रतिशत तक

उदाहरण के लिए, अगर Noida में आपकी property एक करोड़ की है,
तो 30–50 लाख तक की उम्मीद रखना सही रहता है।


Interest Rate और EMI को लेकर डर क्यों होता है?

Interest rate सामान्य Mortgage Loan से थोड़ी ज़्यादा हो सकती है, यह सच है।
लेकिन:

  • loan का समय लंबा मिल जाता है

  • EMI इस तरह बनाई जाती है कि चल सके

इसी वजह से लोग short term जरूरत के लिए भी Mortgage Loan को देखते हैं।


Income Proof कम हो तो क्या रास्ता बंद हो जाता है?

नहीं।

इस तरह के Mortgage Loan सिर्फ salary slip पर depend नहीं करते।

यह भी देखा जाता है:

  • bank account में लेन-देन

  • काम-धंधे से आने वाली आमदनी

  • किराये से आने वाली रकम

  • पुराने loan का भुगतान record

इसीलिए Delhi NCR के छोटे व्यापारी, दुकानदार और self-employed लोग इस option को चुनते हैं।


एक बहुत बड़ी गलती जो लोग करते हैं

एक जगह बात नहीं बनी →
दूसरी जगह apply →
फिर तीसरी जगह।

इससे:

  • बार-बार enquiry जाती है

  • profile कमजोर दिखने लगती है

सही तरीका यह है कि पहले पूरी स्थिति समझी जाए, फिर सही जगह बात रखी जाए।


नक्शा बनवाना सही है या बिना नक्शा Mortgage Loan?

अगर नक्शा बन सकता है और समय है, तो ठीक है।
लेकिन कई बार:

  • नक्शा बनना possible नहीं होता

  • extra construction problem बन जाती है

  • महीनों लग जाते हैं

ऐसे में Mortgage Loan Without Property Map in Delhi NCR ही practical रास्ता बनता है।


Local लोगों के लिए सीधी सलाह

अगर आपकी property:

  • गाजियाबाद, फरीदाबाद, नोएडा या ग्रेटर नोएडा में है

  • सालों से इस्तेमाल में है

  • नक्शा नहीं है

  • और सिर्फ इसी वजह से loan अटका है

तो इसका मतलब यह नहीं कि रास्ता बंद हो गया है।

फर्क सिर्फ इतना पड़ता है कि मामला किस तरह से और किसके सामने रखा जाता है।


आख़िरी बात – जो सच में मायने रखती है

घर या दुकान सिर्फ दीवारें नहीं होती,
वो सालों की मेहनत होती है।

और सिर्फ नक्शा न होने की वजह से अगर उस property की value रुक जाए,
तो यह frustration वाली बात है।

Mortgage Loan Without Property Map in Delhi NCR उन लोगों के लिए एक real solution है जो ground reality समझते हैं।

जब कोई आपकी पूरी स्थिति ध्यान से सुनता है,
तभी सही रास्ता निकलता है।


यही वजह है कि लोग पढ़ने के बाद खुद बात करना चाहते हैं —
क्योंकि उन्हें लगता है कि
यहाँ उनकी समस्या समझी जा रही है, बेची नहीं जा रही।

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