Posted by Home Loan Delhi LAP on January, 20, 2026

Mortgage Loan With Low CIBIL Score in Delhi आज उन लोगों के लिए सबसे बड़ा सहारा बनता जा रहा है जिनका CIBIL score किसी न किसी वजह से खराब हो चुका है, लेकिन जिनके पास अपनी property मौजूद है।
Delhi में हज़ारों परिवार ऐसे हैं जिनका CIBIL पुराने loan, credit card, settlement या EMI समय पर न भर पाने की वजह से गिर गया, और अब bank सीधे मना कर देता है।
घर है।
दुकान है।
property पूरी तरह आपकी है।
लेकिन जैसे ही loan की बात आती है, सामने से एक ही जवाब मिलता है —
“CIBIL score low है, loan possible नहीं है।”
यहीं से परेशानी और तनाव शुरू होता है।
Delhi जैसे बड़े शहर में ज़िंदगी आसान नहीं होती।
कई बार हालात ऐसे बन जाते हैं कि आदमी चाहकर भी समय पर भुगतान नहीं कर पाता।
आम वजहें ये होती हैं:
business में अचानक गिरावट
किसी जानकार को पैसा फँस जाना
medical खर्च
credit card का minimum amount लंबे समय तक चलना
personal loan या business loan की EMI miss होना
धीरे-धीरे CIBIL score 750 से नीचे गिरकर 650, 600 या उससे भी कम हो जाता है।
एक बार CIBIL गिर जाए, तो बिना property वाले loan लगभग बंद हो जाते हैं।
इस सवाल का जवाब बहुत सीधा है —
हाँ, possible है।
लेकिन यह loan:
सिर्फ salary slip पर नहीं चलता
सिर्फ CIBIL के number पर तय नहीं होता
यह loan पूरी तरह property के आधार पर देखा जाता है।
यहाँ ज़्यादा ध्यान इन बातों पर होता है:
property की market value
ownership कितनी साफ है
property residential है या commercial
property की overall stability
Low CIBIL होने के बावजूद, अगर property मजबूत है तो रास्ता निकल सकता है।
ज़्यादातर bank:
650 से नीचे CIBIL पर सीधे file बंद कर देते हैं
settlement या write-off देखते ही interest नहीं दिखाते
पुराने default को ज़्यादा गंभीरता से लेते हैं
Bank का तरीका rule-based होता है, वहाँ ground reality कम देखी जाती है।
इसी वजह से Delhi में बहुत से लोग बार-बार apply करते हैं और profile और खराब हो जाती है।
जब CIBIL कमजोर होता है, तब सामने वाली finance से जुड़ी party इन बातों पर ध्यान देती है:
property की current market value
property Delhi के किस area में है
property कितने समय से बनी हुई है
property में रहने या काम करने की continuity
पुराने loan की current स्थिति
यह loan risk समझकर दिया जाता है, इसलिए यहाँ सोचने का तरीका अलग होता है।
अगर property residential है, तो कुछ बातें बहुत मायने रखती हैं।
अगर उसी मकान में मालिक और उसका परिवार कई सालों से रह रहा हो, तो उस संपत्ति में stability साफ दिखाई देती है।
ऐसी property को देखकर यह माना जाता है कि:
मकान अचानक खाली नहीं होगा
कोई फर्जी इस्तेमाल नहीं है
रहने की continuity बनी हुई है
Delhi में owner-occupied residential property low CIBIL case में भरोसेमंद मानी जाती है।
Commercial property low CIBIL case में और भी मजबूत मानी जाती है, अगर वहाँ से आमदनी आ रही हो।
जैसे:
दुकान चल रही हो
गोदाम किराये पर दिया गया हो
छोटा office इस्तेमाल में हो
अगर property से business या किराये की आमदनी आ रही है, तो यह साफ दिखाता है कि:
property active है
payment capability बनी हुई है
overall stability मौजूद है
Delhi में commercial property पर low CIBIL के बावजूद loan मिलने के chances ज़्यादा रहते हैं।
Low CIBIL case में कोई भी हवा-हवाई promise नहीं करता।
Ground reality यह है:
property value का 40% से 60%
बहुत risky case में 30% तक
उदाहरण के तौर पर:
अगर Delhi में property की value 2 करोड़ है,
तो 60–80 लाख की उम्मीद रखना practical होता है, भले ही CIBIL कम हो।
हाँ, यह मानना पड़ेगा कि:
interest rate normal Mortgage Loan से थोड़ी ज़्यादा होती है
लेकिन इसके साथ:
tenure लंबा मिल जाता है
EMI इस तरह बनाई जाती है कि रोज़मर्रा की ज़िंदगी पर बोझ न पड़े
इसी वजह से बहुत से लोग high interest loan बंद करने के लिए भी यह option चुनते हैं।
बहुत से लोग सोचते हैं कि:
“Settlement हो चुकी है, अब कुछ possible नहीं है।”
लेकिन सच्चाई यह है:
settlement के बाद भी loan possible हो सकता है
write-off history के बावजूद case देखा जाता है
फर्क सिर्फ इतना होता है कि:
structure ज़्यादा मजबूत होना चाहिए
property की value साफ justify होनी चाहिए
approach सही होनी चाहिए
Delhi में ऐसे cases रोज़ handle किए जाते हैं।
नहीं।
Low CIBIL वाले Mortgage Loan पूरी तरह income पर depend नहीं करते।
यह भी देखा जाता है:
bank account का flow
business की actual activity
किराये से मिलने वाली रकम
परिवार की overall financial स्थिति
इसी वजह से self-employed और छोटे व्यापारी इस option को ज़्यादा देखते हैं।
Ground level पर ऐसे cases ज़्यादा देखने को मिलते हैं:
West Delhi
North Delhi
Outer Delhi
mixed residential-commercial areas
इन इलाकों में लोग property strong रखते हैं, लेकिन CIBIL कमजोर हो जाता है।
Low CIBIL होने के बाद:
हर जगह apply करना
multiple enquiry लगवा देना
बिना समझे advice follow करना
इससे CIBIL और गिर जाता है और मामला और बिगड़ जाता है।
Low CIBIL case को handle करना होता है, दबाव नहीं डालना।
यह loan तब सही रहता है जब:
business को फिर से stable करना हो
पुराने महंगे loan बंद करने हों
cash flow सुधारना हो
financial स्थिति धीरे-धीरे control में आ रही हो
सिर्फ EMI भरने के लिए EMI लेना कभी समझदारी नहीं होती।
अगर:
आपकी property Delhi में है
CIBIL किसी पुराने issue की वजह से खराब हुआ है
अभी income धीरे-धीरे stable हो रही है
तो panic में गलत कदम मत उठाइए।
सही जानकारी, सही planning और सही approach से रास्ता निकलता है।
Low CIBIL score का मतलब यह नहीं होता कि:
आपने जानबूझकर गलती की
आपकी property बेकार है
आगे कुछ possible नहीं है
Delhi में हज़ारों लोग ऐसे हैं जिन्होंने Mortgage Loan With Low CIBIL Score in Delhi के ज़रिए अपनी financial स्थिति दोबारा संभाली है।
फर्क सिर्फ इतना होता है:
case किस तरह से रखा गया
किस angle से समझाया गया
जब कोई आपकी पूरी बात ध्यान से सुनता है,
तभी सही समाधान निकलता है।
यही वजह है कि लोग पढ़ने के बाद खुद बात करना चाहते हैं —
क्योंकि उन्हें लगता है कि
यहाँ उनकी स्थिति समझी जा रही है, सिर्फ loan नहीं बेचा जा रहा।
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